Saturday, October 31, 2009
नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री होना चाहिए: बिड़ला
अहमदाबाद। बी. के. बिड़ला समूह के अध्यक्ष बसंत कुमार बिड़ला ने कल गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए उनके प्रधानमंत्री बनने की कामना की। उनसे पूर्व मुकेश अंबानी और रतन टाटा जैसे उद्योग जगत की अन्य बडी हस्तियां भी श्री मोदी की सराहना में इसी तरह के शब्द कह चुकी हैं। भरच जिले के जगाडिया में एक नये कपडा संयंत्र के उद्घाटन समारोह में श्री बिड़ला ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात में चहुंमुखी विकास हुआ है और उन्हें प्रधानमंत्री पद पर होना चाहिए। समारोह में श्री मोदी भी मौजूद थे। कपडा संयंत्र से 500 करोड रुपये का वार्षिक कारोबार होगा। मुख्यमंत्री ने 105 एकड क्षेत्र में 850 करोड रपये की लागत से बनी कपडा मिल का भी उद्घाटन किया।उल्लेखनीय है कि गत जनवरी महीने में गुजरात सम्मेलन के दौरान श्री रतन टाटा और मुकेश अंबानी ने भी श्री मोदी के कामों की प्रशंसा कर उनके प्रधानमंत्री बनने की कामना की थी ।
Saturday, October 17, 2009
Wednesday, September 30, 2009
क्वात्रोच्चि को क्लीन चिट

केन्द्र की कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्पष्ट कह दिया है कि उसने इटली के व्यापारी ओतावियो क्वात्रोच्चि के खिलाफ दायर बोफोर्स दलाली मामले को वापस लेने का फैसला कर लिया है क्योंकि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि इटली के इस व्यापारी के स्विस खातों पर लगी रोक हट चुकी है। मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन, न्यायाधीश पी. सदाशिवम और बी.एस. चौहान की खण्डपीठ को सॉलिसिटरजनरल गोपाल सुब्रमण्यम ने बताया कि सरकार ने मामले को बन्द करने और आरोप वापस लेने का फैसला कर लिया है। कोर्ट 1997 में दाखिल उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें क्वात्रोच्चि के लंदन स्थित बैंक खाते को जब्त करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता अजय अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सीबीआई खुले रूप से दोषियों का साथ दे रहा है। 64 करोड रूपए वाले बोफोर्स तोप घोटाले में हिंदुजा ब्रदर्स, क्वात्रोच्चि, दिवगंत विन चड्डा पर दलाली लेने का आरोप लगे थे। कोर्ट ने इस याचिका व मुख्य याचिका की सुनवाई 11 दिसम्बर तक के लिए टाल दी है।
यह है मामला
* 1987 में स्वीडन रेडियो द्वारा सबसे पहले इस घोटाले का पर्दाफाश।
* काफी समय तक राजीव गांधी का नाम भी अभियुक्तों की सूची में, लेकिन उनकी मौत के बाद उनका नाम फाइल से हटा दिया गया।
* जांच सीबीआई को, लेकिन सरकारें बदलने पर सीबीआई की जांच की दिशा भी लगातार बदलती रही।
* इसी मसले पर 1989 में राजीव गांधी की सरकार चली गई। विश्वनाथ प्रताप सिंह हीरो के तौर पर उभरे। उनकी सरकार भी बोफोर्स दलाली का सच सामने लाने में विफल रही।
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