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Monday, September 28, 2009

राखी सावंत का खत्‍म हुआ ढोंग



आयटम गर्ल राखी सावंत हमेशा से ही कुछ न कुछ ऐसा ही करती रही है जिससे वे सुर्खियों में बनी रहे है। सुर्खियों में बने रहने के लिए राखी ने पिछले दिनों अपना स्‍वयवंर ही कर रचा डाला। तब से सबके मन में यही विचार आ रहा था कि क्‍या राखी शादी करेंगी और वैसे लोगों के विचार में तो नहीं ही चल रहा था। और यही हुआ राखी सब की उम्‍मीदों पर खरी उतरी और बना रही है भूमिका इलेश पारुजनवाला से शादी न करने की।

जी हां, राखी अपने स्‍वयवंर वाले मंगेतर इलेश के साथ एक और रियलिटी कार्यक्रम में नजर आने वाली है और इसी दौरान राखी को लगने लगा है कि इलेश और वो एक-दुसरे के लिए नही है। राखी के मुताबिक राखी को इलेश की पश्चिम सभ्‍यता पसंद नही और वो इस परिस्थियों में नहीं रह सकती है।

Tuesday, September 22, 2009

“मौत या माफी, सरकार जल्द फैसला करे”


सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को सलाह दी है कि वह मृत्युदंड की सजा पाए कैदियों की दया याचिकाओं को निपटाए। अदालत ने कहा है कि किसी बड़ी राजनीतिक या सरकारी नीति को साधने की प्रक्रिया में सरकार मनुष्य को प्यादे के रूप में इस्तेमाल न करे।

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति हरजीत सिंह बेदी व न्यायमूर्ति जे.एम.पांचाल की खंडपीठ ने शुक्रवार को की थी। खंडपीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा था, “यह मामला अति प्रासंगिक बन गया है, क्योंकि आज राष्ट्रपति के समक्ष 26 दया याचिकाएं लम्बित पड़ी हुई हैं। इनमें से कुछ मामलों में अदालत को मृत्युदंड की सजा सुनाए एक दशक से भी अधिक समय बीत चुका है।”

इन 26 कैदियों में 13 दिसम्बर 2001 को संसद पर हुए हमले का दोषी, मोहम्मद अफजल गुरु भी शामिल है।

खंडपीठ ने कहा है, “हम न्यायाधीश, उन कारणों से व्यापक रूप से अनजान रहते हैं, जो किसी कैदी के पक्ष में या उसके खिलाफ फैसला करने के लिए सरकार को अंततोगत्वा प्रेरित करते हैं। लेकिन फैसला चाहे जो भी हो, उसे मामले के तथ्यों से संबंधित वैध सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।”

खंडपीठ ने कहा है, “हम जोर देकर कहना चाहेंगे कि मनुष्य कोई सम्पत्ति या गुलाम नहीं हैं और उन्हें किसी राजनीतिक या सरकारी नीति को साधने की प्रक्रिया में प्यादे की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।”

Thursday, September 17, 2009

शशि थरूर ने ‘इकोनॉमी’ श्रेणी को ‘मवेशी श्रेणी’ बताया


17 दिसम्बर 2009

विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर के उस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने फिजूलखर्जी रोकने संबंधी सरकार के अभियान के तहत कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे उदाहरणों पर कहा था कि अब “वह अपने साथ की सभी पवित्र गायों के साथ एकता दिखाते हुए ‘मवेशी श्रेणी’ की सवारी करेंगे।”

दरअसल थरूर ने सामाजिक मेलजोल की वेबसाइट ‘ट्विटर’ पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उक्त बातें कही थी। विदेश राज्यमंत्री इन दिनों पश्चिम अफ्रीकी देशों लाइबेरिया व घाना की छह दिवसीय यात्रा पर हैं और वे इस वेबसाइट पर इसका बखान कर रहे हैं कि वे वहां किन-किन से मिले और उन्होंने कौन-सी टाई पहन रखी है।

कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने संवाददाताओं से बातचीत में बुधवार को कहा कि मंत्री का यह बयान पार्टी के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह बयान राजनीतिक संवेदनशीलता का अपमान है। दरअसल थरूर ने सामाजिक मेलजोल की वेबसाइट ‘ट्विटर’ पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उक्त बातें कही थी।

थरूर से पूछा गया था कि क्या अगली बार जब वह केरल के दौरे पर जाएंगे तो ‘मवेशी श्रेणी’ में सफर करना पसंद करेंगे। इसके जवाब में थरूर ने कहा, “निश्चित तौर पर अपने साथ की सभी पवित्र गायों के साथ एकता दिखाते हुए मैं भी मवेशी श्रेणी की सवारी करूंगा।”

कांग्रेस प्रवक्ता से जब यह पूछा गया कि क्या थरूर के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला आलाकमान करेगा। गौरतलब है कि सूखा, बाढ़ और महंगाई की जनता पर पड़ रही चौतरफा मार के मद्देनजर कांग्रेस और सरकार की तरफ से फिजूलखर्जी रोको अभियान चलाया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसी अभियान के तहत सोमवार को दिल्ली से मुम्बई तक का सफर विमान के इकोनॉमी क्लास में तय किया था जबकि उनके बेटे और पार्टी महासचिव राहुल गांधी मंगलवार को शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन की चेयर कार बोगी में बैठकर नई दिल्ली से लुधियाना गए थे।